संहार से संवाद तक पुस्तक | Sanhar Se Samvad Tak Book | कुरुक्षेत्र और अंधायुग | डॉ. नीतामणि बरदलै
Sanhar Se Samvad Tak : Kurukshetra Aur Andhayug Mein Yuddh Virodhi Chetna | संहार से संवाद तक : कुरुक्षेत्र और अंधायुग में युद्ध-विरोधी चेतना
- Language: Hindi
- Binding: Hardbound
- Publisher: Rasti Prakashan, Saharanpur (U.P.)
- Genre: Criticism
- ISBN: 9788199972544
- Author: Dr. Nitamoni Bardoloi | डॉ. नीतामणि बरदलै
- Pages: 160
- Price : ₹350.00 /-
- Edition : 2026
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Description
संहार से संवाद तक पुस्तक | Sanhar Se Samvad Tak Book | कुरुक्षेत्र और अंधायुग | डॉ. नीतामणि बरदलै
“संहार से संवाद तक : कुरुक्षेत्र और अंधायुग में युद्ध-विरोधी चेतना” आधुनिक हिंदी साहित्य की उस संवेदनशील धारा का विश्लेषण है, जो युद्ध, हिंसा और मानवीय संकटों पर गहन चिंतन प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘अंधायुग’ के माध्यम से युद्ध की विभीषिका, नैतिक पतन और मानवता के संकट को उजागर करती है। लेखिका ने इन कृतियों का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए दिखाया है कि साहित्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और नैतिक दृष्टि का माध्यम भी है। यह अध्ययन शांति, सहअस्तित्व और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
- कुरुक्षेत्र और अंधायुग का विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन।
- युद्ध-विरोधी चेतना और मानवीय मूल्यों का साहित्यिक विश्लेषण।
- सरल, स्पष्ट और शोधपरक भाषा।
- हिंदी साहित्य, आलोचना और तुलनात्मक अध्ययन के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी।
- शोधार्थियों, अध्यापकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए संदर्भ ग्रंथ।
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